इन ओस की बूँदों से तुम्हारे लिए जो मोती न चुराए, तो कहना,
दो पल के लिए ही सही, जो तुमने बुलाया और हम न आये, तो कहना,
मर के भी याद रखेगा यह जहाँ हमें, ऐ जाँ,
अब तक किए जो सारे, वो वादे न निभाए तो कहना...
दो पल के लिए ही सही, जो तुमने बुलाया और हम न आये, तो कहना,
मर के भी याद रखेगा यह जहाँ हमें, ऐ जाँ,
अब तक किए जो सारे, वो वादे न निभाए तो कहना...
No comments:
Post a Comment